बिजली
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर और हिन्द की साठ साला से ऊपर सरकार पर वे लोग बीबीसी की निचे लिखे लिंक पर जाएँ और अपने आपको सह्चै से अवगत करावें
http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130816_indian_villages_offgrid_power_vt.shtml
इस लिंक के अनुसार
भारत की स्वतंत्रता के 66 साल बीत गए हैं. इसके बाद भी एक अनुमान के मुताबिक देश की एक अरब 20 लाख आबादी के आधे से ज़्यादा लोगों को अभी बिजली नहीं मिल सकी है.
कुछ ही सालों में 60 साल की होने जा रही महिला के पास रोशनी के नाम पर सिर्फ जलती मोमबत्ती और चूल्हे की आग ही हैं.
सुखरानी के गाँव में बिजली नहीं है, क्योंकि ये कभी यहाँ तक पहुंची ही नहीं.
चेहरे से पसीना पोंछते हुए सुखरानी कहती हैं, " मैं कभी बिजली का बल्ब नहीं देखा."
उन्होंने बताया, "जिस गाँव में मेरा जन्म हुआ था, उसमे भी बिजली नहीं थी और शादी के बाद यहाँ आए तो यहाँ भी बिजली नहीं मिली.
पूर्वा भारत के उन हज़ारों गाँवों में से एक है, जहाँ अब तक बिजली नहीं पहुँच पाई है या फिर जहाँ बिजली किश्तों में आती है.
सुखरानी की तरह ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया है.
वह कहती हैं, मैंने सुना है कुछ लोगों के पास बिजली है, लेकिन मैंने कभी नहीं देखी, इसलिए मुझे नहीं पता कि यह किस काम आती है."
हम ऐसे देश में रहते हैं जहाँ आज़ादी के साठ साल बाद भी बिजली, पानी और आधारभूत सुविधाओं का अभाव है . ऐसे देश में हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री लेपटोप और न जाने क्या क्या बांटने की बातें करते हैं
धन्य है हिंदुस्तान और हिंदुस्तान के काबिल मिनिस्टर .
http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130816_indian_villages_offgrid_power_vt.shtml
इस लिंक के अनुसार
भारत की स्वतंत्रता के 66 साल बीत गए हैं. इसके बाद भी एक अनुमान के मुताबिक देश की एक अरब 20 लाख आबादी के आधे से ज़्यादा लोगों को अभी बिजली नहीं मिल सकी है.
कुछ ही सालों में 60 साल की होने जा रही महिला के पास रोशनी के नाम पर सिर्फ जलती मोमबत्ती और चूल्हे की आग ही हैं.
सुखरानी के गाँव में बिजली नहीं है, क्योंकि ये कभी यहाँ तक पहुंची ही नहीं.
चेहरे से पसीना पोंछते हुए सुखरानी कहती हैं, " मैं कभी बिजली का बल्ब नहीं देखा."
उन्होंने बताया, "जिस गाँव में मेरा जन्म हुआ था, उसमे भी बिजली नहीं थी और शादी के बाद यहाँ आए तो यहाँ भी बिजली नहीं मिली.
पूर्वा भारत के उन हज़ारों गाँवों में से एक है, जहाँ अब तक बिजली नहीं पहुँच पाई है या फिर जहाँ बिजली किश्तों में आती है.
सुखरानी की तरह ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया है.
वह कहती हैं, मैंने सुना है कुछ लोगों के पास बिजली है, लेकिन मैंने कभी नहीं देखी, इसलिए मुझे नहीं पता कि यह किस काम आती है."
हम ऐसे देश में रहते हैं जहाँ आज़ादी के साठ साल बाद भी बिजली, पानी और आधारभूत सुविधाओं का अभाव है . ऐसे देश में हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री लेपटोप और न जाने क्या क्या बांटने की बातें करते हैं
धन्य है हिंदुस्तान और हिंदुस्तान के काबिल मिनिस्टर .
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